Forecast Update 2026: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के मौसम को लेकर नई चेतावनी जारी की है। बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र और उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के कारण अगले 48 से 72 घंटों में देश के कई राज्यों का मौसम बदलने वाला है।
दक्षिण भारत: भारी बारिश की चेतावनी
बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिम में बने दबाव के कारण दक्षिण के राज्यों में मानसून जैसा माहौल बना हुआ है।
- भारी बारिश: तमिलनाडु, केरल और लक्षद्वीप के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश का अनुमान है।
- समुद्र की स्थिति: मछुआरों को सलाह दी गई है कि वे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और मन्नार की खाड़ी में न जाएं, क्योंकि वहां 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
उत्तर और मध्य भारत: ओलावृष्टि और ठंडी हवाएं
एक नया पश्चिमी विक्षोभ हिमालयी क्षेत्रों को प्रभावित कर रहा है, जिसके कारण मैदानी इलाकों में भी हलचल तेज हो गई है।
- बर्फबारी और बारिश: जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी के साथ बारिश की संभावना है। उत्तराखंड में भी 23-24 फरवरी को छिटपुट बारिश हो सकती है।
- मध्य भारत: ओडिशा, छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ (महाराष्ट्र) के कुछ इलाकों में बिजली कड़कने और हल्की बारिश की संभावना है।
किसानों के लिए विशेष अलर्ट: रबी फसलों पर संकट
फरवरी के इस अंत में हो रही बेमौसम बारिश और संभावित ओलावृष्टि रबी फसलों (विशेषकर गेहूं और सरसों) के लिए हानिकारक हो सकती है।
कृषि विशेषज्ञों के सुझाव:
- नमी से बचाव: यदि फसल कट चुकी है, तो उसे सुरक्षित स्थानों पर ढक कर रखें।
- कीटनाशक: बारिश के दौरान किसी भी प्रकार के रसायनों का छिड़काव न करें।
- निकासी: खेतों में पानी जमा न होने दें, जल निकासी का प्रबंध करें।
बचाव के लिए सावधानियां:
- विद्युत उपकरण: आंधी-तूफान के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग कम करें।
- पेड़ों से दूर रहें: तेज हवाएं चलने पर पेड़ों या कच्चे ढांचों के नीचे शरण न लें।
- ताजा अपडेट: सटीक जानकारी के लिए स्थानीय प्रशासन और IMD के आधिकारिक बुलेटिन को फॉलो करें।
अस्वीकरण (Disclaimer): यह रिपोर्ट मौसम विभाग के वर्तमान आंकड़ों पर आधारित है। मौसम में अचानक बदलाव संभव है, इसलिए स्थानीय समाचारों पर नजर रखें।